ये आधार तेरा है, ये संसार तेरा है

(तर्ज – मंगलवार तेरा है)


ये आधार तेरा है,
ये संसार तेरा है,
लो संभालो भोले जी,
ये परिवार तेरा है।।

नैया छोड़ी है तेरे सहारे,
नैया छोड़ी है तेरे सहारे,
अब लगानी पड़ेगी किनारे,
अब लगानी पड़ेगी किनारे,
क्या विचार तेरा है,
ये संसार तेरा है,
लो संभालो भोले जी,
ये परिवार तेरा है।।

हम गरीबों का तू ही सहारा,
हम गरीबों का तू ही सहारा,
हर मुसीबत से तूने उबारा,
हर मुसीबत से तूने उबारा,
तलबगार तेरा है,
ये संसार तेरा है,
लो संभालो भोले जी,
ये परिवार तेरा है।।

तूने संकट में साथ निभाया,
तूने संकट में साथ निभाया,
और मुसीबत से हमको बचाया,
और मुसीबत से हमको बचाया,
ये एहसान तेरा है,
ये संसार तेरा है,
लो संभालो भोले जी,
ये परिवार तेरा है।।

ये आधार तेरा है,
ये संसार तेरा है,
लो संभालो भोले जी,
ये परिवार तेरा है।।

स्वर – श्री अंकुश जी महाराज।
प्रेषक – ओमप्रकाश पांचाल उज्जैन मध्य प्रदेश।

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