क्यूँ भूल गये श्यामा, मुझे पागल समझकर भूल गये
तर्ज : छोड़ गए बालम क्यूँ भूल गये श्यामा,मुझे पागल समझकर भूल गये ॥ मेरे मन में उठी उमंगें, जप लूँ नाम तुम्हारा ।तुम श्यामा अब दर्शन दे दो, होगा भला हमारा।हम हैं बालक नादान, तुम क्यूं हमको भूल गये ॥ तुम आओ या ना आओ, मैं लूंगा नाम तुम्हारा ।जहाँ कहीं भी तूम जाओगे, […]
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