बात बन गई
शरण में आया तो हर बात बन गईकृपा ऐसी तेरी दिन रात बन गई चाहतें थी मेरी जो पूरी कर दीमुझे अपनाया ये सौगात बन गई ज़माने भर में खुद को ढूंढ़ता थाज़माने में मेरी औकात बन गई जो कल तक पूछते थे मेरी मंज़िलबात वो ही ढाल की पात बन गई दुखों में घिर […]
