बहती है अँखियों से धार आ जाओ सांवरे

बहती है अँखियों से धार,
आ जाओ सांवरे।

दोहा – कालजो धड़के मेरो,
और कुम्भलावे देह,
आँखड़ली झुर झुर बवे,
ज्यूँ सावण रो मेह।

बहती है अँखियों से धार,
आ जाओ सांवरे,
आ जाओ सांवरे,
हम तो हारे हारे,
बहती है अँखियों से धार,
आ जाओ सांवरे ।।

नदियां का पानी बाबा,
चढ़ने लगा है,
दिल मेरा जोर से,
धड़कने लगा है,
थाम लो कन्हैया आके,
थाम लो कन्हैया आके,
मेरी नाव रे,
बहती है अँखियों से धार,
आ जाओ सांवरे ।।

फेर के तू मुंह जो बैठा,
बात ना बनेगी,
नाम की तुम्हारी बाबा,
साख ना बचेगी,
राखले तू नाम की,
राखले तू नाम की,
पत अपनी सांवरे,
बहती है अँखियों से धार,
आ जाओ सांवरे ।।

आप पे ही सांवरे,
जीवन का दारमदार है,
देर ना करो आ जाओ,
दीन की पुकार है,
‘कमल’ का सहारा अब तो,
‘कमल’ का सहारा अब तो,
तू ही श्याम रे,
बहती है अँखियों से धार,
आ जाओ सांवरे ।।

बहती है अँखियों से धार,
आ जाओ सांवरे,
आ जाओ सांवरे,
हम तो हारे हारे,
बहती है अँखियों से धार,
आ जाओ सांवरे ।।

Singer – Sanjay Mittal Ji

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