हमको बैकुंठ बुला लो
हमको बैकुंठ बुला लो ओ कन्हैया बांसुरी वाले रो रो के कहते हैं चंदा और सूरज, सालों में लगते हैं ग्रहणा के मूरतआकर के कष्ट मिटा दो ओ कन्हैया बांसुरी वाले रो रो के कहते हैं गंगा और जमुना, ऊपर से चलती है रेलों की पहियाआकर के भार संभालो ओ कन्हैया बांसुरी वाले रो रो […]
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