श्यामधणी थारा लाड़ म्हे लडा़वण आया हां।
श्यामधणी थारा लाड़ म्हे लडा़वण आया हां।आज सिंधारा श्याम का मनावणं आया हां।। सोना रो थानै छत्तर चढा़वा, हीरा को थारो हार गढा़वाआज करां श्रृगांर चाव स, केशर चन्दन तिलक लगावांलाल गुलाबी हार…म्हे पहरावण लाया हांआज सिंधारा श्याम का… रंगबिरंगो सबसे न्यारो, घेर घूमेर है बागो थारोपहन दिखावो खाटुवाला, खूब जचेगों प्यारो प्यारोखुशबू स दरबार…म्हे […]
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