श्यामा जी की इस ओढ़नी को
श्यामा जी की इस ओढ़नी को ले जाकर हरि को दे देना । श्यामाजी की इस ओढ़नी को,ले जाकर हरि को दे देना ।मेरा तो पत्र यही ही है,लिखना पढ़ना हम क्या जाने ।। राधा नेत्रांजलि से छलके,आँसू इसके हर धागे में ।आसूँ मिश्रित काजल देखो,इसको हर कोई क्या जाने ।। श्यामा जी… रासेश्वरि के […]
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