श्याम तेरी किरपा
पड़ा हूँ आके तेरी शरण में,बनाते बिगड़ी हो नाथ छण मेंतेरा भरोसा है जिसके मन मेंमिले ठिकाना उसे चरण में । दानी दयालु तेरे द्वार पे जो भी आयाश्याम तेरी किरपा उसपे हो गईजिसने भी तुझको है ध्यायाखाटूवाले खाटूवाले तुझ बिनमुझको कौन सम्भाले… जग में तेरा नाम बड़ा है तू दातार है मोटाबहुत दिनों में […]
