म्हाने श्याम को सिंगार बड़ो प्यारो लागे
म्हाने श्याम को सिंगार बड़ो प्यारो लागेसाँची साँची बोलू बाबो न्यारो लागेफागुन कार्तिक मेलो भारीश्याम की सज जे हवेली प्यारीथारे आगनिये में जोर का जयकारा लागेसाँची, केशरियो बागों थारे तन पे सुहावेकाना रा कुण्डल थारो रोब जमावेथारी आख्या रो काजल बड़ो प्यारो लागेसाँची, मोरपंख जयपुरी मुकुट है सुहावेकेशर तिलक थारा भक्ता लगावेथारो महक रहयो दरबार […]
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