आजा लाज बचाने
हम तो आये, तेरे द्वारे, दुख-दर्दो के मारे,आजा अब तो, लाज बचाने, ओ हारे के सहारे, पैदल चलकर, रिंगस से मैं, तेरा निशान उठाऊं,चढ़कर तेरह पेड़ी बाबा, तेरा दर्शन पाऊं,लेने आजा, तोरण द्वार पे, तेरा यें दास पुकारे,आजा अब तो लाज बचाने…. मैं श्याम कुंड में, नहा के बाबा, तेरे दर पे आऊं,केसर- इत्र- गुलाब […]
