दरबार मेरे श्याम का सबको बुला रहा
दरबार मेरे श्याम का, सबको बुला रहा, किस्मत में जिनके श्याम है, बस वो ही आ रहा, दरबार मेरें श्याम का, सबको बुला रहा। bd l तर्ज – मिलती है जिंदगी में। बैठा है मेरा साँवरा, भंडार खोलकर, गिनकर नहीं ये दे रहा, और ना ही तौलकर, जिसमें है जितनी भावना, उतना वो पा रहा, […]
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