जब बाबा बैठा है,क्या चिंता है प्यारे
जब बाबा बैठा है,क्या चिंता है प्यारे,हारा है तू लेकिन,मेरे श्याम नहीं हारे।। तर्ज – ऐ मेरे दिल ऐ नादान। माना तेरे सर पर तो, दुखो का समंदर है, घनघोर अंधेरा है,पग पग पे बवंडर है, ये मोरछड़ी लेकर,हर संकट को टारे, जब बाबा बैठा हैं, क्या चिंता है प्यारे ||रिश्ता तू बना इनसे, रिश्ता […]
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