थासु विनती कराहाँ बारंबार,
था बिन नाथ अनाथ की जी,कुण राखेलो टेक,म्हासा थाके मोकला जी,म्हासा थाके मोकला जी,थासा तो म्हारे थे ही एक,खाटू का राजा मेहर करो । थासु विनती कराहाँ बारंबार,सुनो जी सरकार,खाटू का राजा मेहर करो ॥ जाणु हूँ दरबार में थारे,घणी लगी है भीड़,थारे बिन किस विध मिटेगी,थारे बिन किस विध मिटेगी,भोले भगत की या पीर,खाटू […]
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